चंडीगढ़ , जून 18 -- हरियाणा में एग्रीस्टैक परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और राज्य में 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों का डिजिटल मानचित्रण किया जा चुका है और 96 प्रतिशत गांवों को भौगोलिक रूप से चिह्नित किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसके साथ ही 11.58 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि 8.32 लाख किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं।

चंडीगढ़ में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई संचालन समिति की बैठक में बताया गया कि 7,100 गांवों में से 6,808 गांवों का भू-संदर्भित मानचित्रण पूरा हो चुका है। शेष गांवों को अगले दो महीनों में कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रक्रिया डिजिटल फसल सर्वेक्षण और किसान रजिस्ट्री तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्य सचिव ने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों के रिकॉर्ड, भूमि स्वामित्व और फसल संबंधी जानकारी को एकीकृत कर कृषि प्रशासन को अधिक पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाएगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और सटीकता से किसानों तक पहुंच सकेगा।

बैठक में खरीफ-2026 के डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी। अगस्त से शुरू होने वाले इस सर्वेक्षण में 23 जिलों के सभी भू-चिह्नित कृषि भूखंड शामिल होंगे। इसके लिए लगभग 6,500 सर्वेक्षकों की तैनाती की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि किसान रजिस्ट्री का दायरा बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग के 1.75 करोड़ रिकॉर्ड का उपयोग किया जाएगा, जिससे पीएम-किसान योजना से बाहर किसानों को भी शामिल किया जा सकेगा।

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