चंडीगढ़ , अक्टूबर 01 -- हरियाणा के सभी पांच ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, देश में घरेलू कोयले से चलने वाले 73 ताप विद्युत संयंत्रों में भी कोयले का भंडार गंभीर रूप से कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के यमुनानगर, खेदड़ और पानीपत स्थित राज्य क्षेत्र के ताप विद्युत संयंत्रों में मानक भंडार की तुलना में वास्तविक कोयला भंडार क्रमशः 23, 12 और एक प्रतिशत है। एनटीपीसी के संयुक्त उपक्रम वाले संयंत्र में यह 15 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के झज्जर स्थित सीएलपी संयंत्र में 13 प्रतिशत है।
पंजाब में राजपुरा और तलवंडी साबो स्थित दोनों निजी ताप विद्युत संयंत्रों में मानक भंडार का क्रमशः 15 और 21 प्रतिशत कोयला उपलब्ध है। पीएसपीसीएल के अनुसार, राजपुरा संयंत्र में करीब आठ दिन और तलवंडी साबो संयंत्र में करीब तीन दिन का कोयला भंडार है। सीईए के दिशा-निर्देशों के अनुसार ताप विद्युत संयंत्रों में 20 दिन के लिए पर्याप्त कोयला होना चाहिए। सीईए के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू कोयले से चलने वाले 73, आयातित कोयले से चलने वाले आठ और वॉशरी कोयले से चलने वाले दो संयंत्रों में कोयले का भंडार गंभीर स्तर पर है। कोयला उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के कारण आपूर्ति और परिवहन प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, गर्म और उमस भरे मौसम तथा अल नीनो से जुड़ी परिस्थितियों के बीच बिजली की मांग बढ़ने से ताप विद्युत संयंत्रों पर दबाव बढ़ा है। बिजली मंत्रालय ने सामान्य से अधिक मांग को पूरा करने के लिए सभी कैप्टिव बिजली संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाने को कहा है।
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