भिवानी , मई 03 -- हरियाणा के भिवानी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) जिला समिति ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगभग 1000 रुपये की बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

पार्टी के जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि इस भारी वृद्धि का असर छोटे व्यवसायों, उपभोक्ताओं और रोजगार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान अतिरिक्त बोझ उपभोक्ताओं पर डालने को मजबूर होंगे, जिससे महंगाई और बढ़ेगी। कई छोटे प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं, जिससे छंटनी और रोजगार का नुकसान शुरू हो चुका है।

श्री ओमप्रकाश ने बताया कि 14 किलो घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल राहत है, लेकिन पांच किलो गैर-सब्सिडी सिलेंडर की कीमत में 261 रुपये की वृद्धि की गई है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे परिवारों और प्रवासी श्रमिकों पर पड़ेगा, जो 14 किलो सिलेंडर खरीदने में असमर्थ हैं। दैनिक जरूरत की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच यह वृद्धि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ है। गैस की कमी और महंगाई के कारण हजारों मजदूर पहले ही शहर छोड़ चुके हैं, अब और लोग पलायन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने दो महीने में दूसरी बार व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाई हैं। सरकार करों में छूट देकर आम आदमी को राहत दे सकती है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही। सीपीआई(एम) ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि भिवानी शहर और जिले के अधिकांश गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। गर्मी शुरू होते ही राशनिंग शुरू हो गई है और कई कॉलोनियों व गांवों में एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा। लोग रातभर पानी का इंतजार करते हैं, लेकिन प्रशासन नहर में पानी न होने का बहाना बना रहा है।

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