चंडीगढ़ , अक्टूबर 31 -- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और कर्मचारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य की 6230 ग्राम पंचायतों के विकास के लिए राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के माध्यम से 579 करोड़ रुपये पंचायतों के खातों में जारी किये गये हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जायेगा।
पानीपत में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन, हरियाणा के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सभी 17 मांगों पर सहमति बनी, जबकि 12 मांगों के संबंध में आवश्यक पत्र एवं आदेश जारी कर दिए गए हैं। मांगों पर सहमति बनने से प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों में खुशी है।
श्री पंवार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों को स्वच्छ और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार उनके योगदान का सम्मान करती है और उनकी जायज मांगों का समाधान करने के लिए गंभीर है। अधिकारियों को जारी आदेशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।
विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि कर्मचारियों के बकाया मानदेय एरियर और अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के पात्र कर्मचारियों का मानदेय जारी करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव से बाहर ड्यूटी पर प्रतिदिन 200 रुपये भत्ता, वार्षिक वर्दी भत्ता 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये और धुलाई भत्ता 1 हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।
इसके अलावा ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने, ईपीएफ और ईएसआई मृत्यु दावा प्रक्रिया में सहायता तथा प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय जारी करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
यूनियन पदाधिकारियों ने बैठक को सकारात्मक और संतोषजनक बताते हुए सरकार का आभार जताया।
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