पंचकूला , जुलाई 31 -- हरियाणा में मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में विसंगतियां सामने आई हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, सत्यापन अभियान के दौरान 24.13 लाख मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले, जबकि 7.66 लाख मतदाताओं के निधन की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 2.04 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए हैं।
निर्वाचन विभाग के मुताबिक, अब तक राज्य के 83.61 प्रतिशत मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर लगभग 1.72 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया, जिसे विभाग अब तक का सबसे व्यापक मतदाता सत्यापन अभियान बता रहा है।
सत्यापन के दौरान 24.13 लाख (11.68 प्रतिशत) मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो दूसरे शहर या राज्य में स्थानांतरित हो चुके हैं, लंबे समय से अनुपस्थित हैं या निर्धारित अवधि में गणना प्रपत्र जमा नहीं करा सके।
अभियान में 7.66 लाख (3.71 प्रतिशत) मतदाताओं के मृत होने की पुष्टि हुई, जबकि 2.04 लाख (0.99 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम दो या उससे अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा।
निर्वाचन विभाग ने कहा है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नए मतदाता जोड़ना नहीं, बल्कि मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों को हटाकर मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है, ताकि आगामी चुनाव अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची के आधार पर कराए जा सकें।
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