चंडीगढ़ , अप्रैल 01 -- हरियाणा में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद जारी है, लेकिन मंडियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर व्यापारियों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा बार-बार नए नियम लागू कर किसान और आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने फसल बेचने का समय सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक निर्धारित किया है, जिससे किसानों को भारी दिक्कत हो रही है। किसान देर रात तक खेतों में कटाई करते हैं और फिर मंडियों में पहुंचते हैं, ऐसे में समय सीमा उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। इससे मंडियों और बाहर सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी कतारें लगने और जाम की स्थिति बनने की आशंका है।

श्री गर्ग ने सरकार से मांग की कि गेहूं और सरसों की खरीद के लिए बारदाना और लकड़ी के कैरेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही, सरकार अपनी घोषणा के अनुसार 72 घंटे के भीतर खरीद, उठान और भुगतान सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी कहा कि आढ़तियों का कमीशन और मजदूरों की मजदूरी समय पर दी जानी चाहिए, जबकि वर्तमान में भुगतान में महीनों की देरी हो रही है।

उन्होंने गेहूं खरीद पर आढ़तियों को पूरा कमीशन (64.62 रुपये प्रति क्विंटल) देने और किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की भी मांग की। इसके अलावा, बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के लिए उचित मुआवजा देने पर जोर दिया।

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