पंचकूला , सितंबर 08 -- हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 से 13 सितंबर के बीच कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में 10 सितंबर से चार दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मौसम विभाग के सुबह 9.30 बजे जारी बुलेटिन' के अनुसार, 8 से 13 सितंबर के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तथा 8 से 12 सितंबर के बीच हिमाचल प्रदेश में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

सात दिनों के बारिश के पूर्वानुमान से पता चलता है कि 8 से 11 सितंबर तक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं बारिश होगी और उसके बाद 12 से 14 सितंबर तक छिटपुट बारिश होगी। पंजाब में इन सात दिनों के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।

बुलेटिन में इस दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली या पंजाब में भारी बारिश का अनुमान नहीं लगाया गया है। उत्तराखंड में बारिश ज़्यादा तेज़ होने की उम्मीद है। माैसम विभाग ने 10 से 13 सितंबर के बीच पहाड़ी राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है और इसके साथ ही 8 से 13 सितंबर के बीच कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है।

हिमाचल प्रदेश में 8 से 12 सितंबर के बीच कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, और 13 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़कर काफी बड़े इलाके या पूरे राज्य में फैल सकता है। बुलेटिन में राज्य के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह 5.30 बजे उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था, और इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था।

समुद्र तल पर मानसून गर्त श्रीगंगानगर, रोहतक, मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, डेहरी, बांकुरा और हल्दिया से होकर गुज़र रही थी और फिर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की तरफ़ बढ़ रही थी।

कश्मीर और उसके आस-पास के इलाकों में समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर च्रकवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ था। मध्य और ऊपरी वातावरण में एक और पश्चिमी विक्षोभ मौजूद था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित