नयी दिल्ली , मई 01 -- उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत हरियाणा और राजस्थान में विकसित की जा रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की है और उनका दौरा कर हितधारकों से बातचीत की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार श्री भाटिया ने समीक्षा कार्यक्रम की शुरुआत हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में नांगल चौधरी में इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के दौरे से की। लगभग 886 एकड़ में फैली इस परियोजना को मानेसर, बावल, धारूहेड़ा, पूर्वी राजस्थान और एनसीआर के पश्चिमी/उत्तरी हरियाणा उप-क्षेत्र सहित बड़े औद्योगिक अंचलों से माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाना है। यह परियोजना 1,029 करोड़ रुपये की है। इसे राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) की विशेष प्रयोजन कंपनी एनआईसीडीसी हरियाणा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब प्रोजेक्ट लिमिटेड के ज़रिए निजी सरकारी भागीधारी (पीपीपी) के तरीके से विकसित किया जा रहा है, जिसमें एनआईसीडीसी और हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (एनएसआईआईडीसी) की बराबर-बराबर हिस्सेदारी है।
सचिव श्री भाटिया ने वहां इस परियोजना के पहले चरण के विकास, बाहरी संपर्क सुविधाओं के काम, अंदरूनी रेलमार्ग अवसंरचनाओं और निर्यात-आयात ज़ोन, वेयरहाउसिंग, कंटेनर रखने की जगह, ट्रक परिवहन ज़ोन और वाणिज्यिक इलाके जैसी प्रस्तावित सुविधाओं के विकास की प्रगति की समीक्षा की।
इस दौरे में एनआईसीडीसी के मुख्य अधिशासी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक रजत कुमार सैनी डीपीआईआईटी के साथ थे। हरियाणा क्षेत्र की सीमीक्षा में एनएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सरवन, महेंद्रगढ-नारनौल की जिलाधिकारी अनुपमा अंजलि, नारनौल के उप मंडल अधिकारी (सिविल) अनिरुद्ध यादव, और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
डीपीआईआईटी और एनआईसीडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों का यह दल वहां से नीमराना ( राजस्थान) गया, जहां एनआईसीडीसी नीमराना सोलर पावर प्रोजेक्ट के दौरे के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई। अधिकारियों को भारत और जापान सरकार के समयोग से विकसित की जा रही इस प्रोजेक्ट के इस्तेमाल के लिए स्मार्ट सूक्ष्म -ग्रिड प्रणाली के साथ सौर बिजली के समन्वय को दिखाया गया। वहां सौर बिजली उत्पादन के लिए सौर-पाल सुविधा के साथ 6 मेवा का सौर बिजली उपक्रम शामिल है जो औद्योगिक क्षेत्र के लिए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का एक नमूना भी है।
श्री भाटिया ने एनआईसीडीसी नीमराना सोलर पावर प्रोजेक्ट में पांच मेगावाट संयंत्र में एससीएडीए ( निगरानी नियंत्रण एवं डाटा अधिग्रहण) सुविधा का उद्घाटन किया। इस दौरे में रिको के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला और रिको के सीनियर अधिकारियों के साथ जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया की समीक्षाऔर उससे जुड़ी चर्चाओं में शामिल हुये।
उन्होंने राजस्थान में जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया की प्रगति की समीक्षा की। यह नोड, लगभग 1,578 एकड़ में फैला है, और जोधपुर और पाली के बीच, हर शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर एक मौके की जगह पर है। यह एनएच62 और एसच-64 के ज़रिए जुड़ा है, साथ ही एनएच-25 और एसएच-68 से भी वहां पहुंचा जा सकता है।
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