बेंगलुरु , जून 10 -- कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने बुधवार को राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को कानून के तहत पंजीकृत करने और उसके वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता लाने की बात कही थी।
श्री हरिप्रसाद ने सवाल उठाया कि खुद को दुनिया के सबसे बड़े स्वैच्छिक संगठनों में से एक बताने वाला आरएसएस, देश भर में फैले अपने विशाल नेटवर्क और गतिविधियों के बावजूद अब तक औपचारिक रूप से पंजीकृत क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि सार्वजनिक धन का लेन-देन करने वाले सभी संगठनों को जवाबदेह होना चाहिए और उन्हें अपनी आय के स्रोतों का खुलासा करना चाहिए।
श्री खरगे के हालिया बयानों का समर्थन करते हुए श्री हरिप्रसाद ने पूछा कि आरएसएस कहां पंजीकृत है और यह किस कानूनी ढांचे के तहत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसे राजनीतिक दल पंजीकृत हैं और वैधानिक नियमों के दायरे में आते हैं, जबकि आरएसएस के मामले में ऐसी पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने संगठन के फंडिंग मॉडल पर भी सवाल उठाए, जिसमें "गुरु दक्षिणा" के रूप में एकत्र किया जाने वाला दान शामिल है। उन्होंने पिछले कई दशकों से जमा खातों और वित्तीय रिकॉर्डों को सार्वजनिक करने की मांग की।
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