हरिद्वार , मई 13 -- उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में किसानों की आय बढ़ाने और मत्स्य पालन को स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में रंगीन मत्स्य पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को ग्राम पंचायत भगतनपुर आबिदपुर स्थित चंद्रभागी मत्स्य सेवा केंद्र में संचालित रंगीन मत्स्य क्लस्टर का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित इस क्लस्टर का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रही है।
जिलाधिकारी ने प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के प्रभावी संचालन और विस्तार के लिए किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार जिला योजना से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह जनपद का पहला रंगीन मत्स्य क्लस्टर है, जहां आधुनिक तकनीक से रंगीन मछलियों का पालन किया जा रहा है। इससे न केवल किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर सहायक निदेशक मत्स्य गरिमा मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आठ किसानों का क्लस्टर तैयार किया गया है, जिसमें चार महिला एवं चार पुरुष किसान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में केवल हरिद्वार और उधमसिंहनगर जनपदों में ही रंगीन मत्स्य पालन किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि क्लस्टर में गोल्डन फिश, ब्लैक शार्क, कोई कार्प और कबुतो कोई सहित चार प्रमुख प्रजातियों की रंगीन मछलियों का पालन किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय किसान उपस्थित रहे।
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