हरिद्वार , अक्टूबर 23 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ रही स्लीपर एवं लग्जरी बसों पर शिकंजा कसने के लिए शुक्रवार तड़के चार बजे से सघन प्रवर्तन अभियान चलाया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में 50 से अधिक वाहनों के चालान किए गए, जबकि पांच बसों को सीज कर दिया गया। गंभीर तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी अनियमितताओं के चलते पांच बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया। इसमें संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन भी शामिल रहे। टीम ने स्लीपर एवं लग्जरी बसों की तकनीकी स्थिति, स्वीकृत संरचना, आपातकालीन निकास, सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की।
जांच के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। इनमें बसों की स्वीकृत संरचना में अनधिकृत परिवर्तन, परमिट शर्तों का उल्लंघन, पर्यटक वाहनों का निर्धारित प्रयोजन से अलग इस्तेमाल, आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियां तथा सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी शामिल हैं। इसके अलावा वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने, रिफ्लेक्टर और ध्वनि नियंत्रण संबंधी मानकों के उल्लंघन तथा कर दस्तावेजों में अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि बसों की संरचना में निर्धारित मानकों के विपरीत बदलाव यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। आग लगने या दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित निकास और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को देखते हुए तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में बसों का विशेष परीक्षण कराया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा ने बताया कि यह कार्रवाई एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। आगामी दिनों में भी विभिन्न मार्गों और प्रवेश स्थलों पर आकस्मिक जांच की जाएगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सुबह और रात सहित अलग-अलग समय पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन जांच से बच न सकें।
विभाग का लक्ष्य हरिद्वार में प्रवेश करने वाली स्लीपर एवं लग्जरी बसों की जांच सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से दूसरे राज्यों से आने वाली बसों की तकनीकी स्थिति, परमिट और यात्री सुरक्षा मानकों पर निगरानी रखी जाएगी।
परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को स्वीकृत संरचना में अनधिकृत बदलाव नहीं करने तथा फिटनेस, परमिट और सुरक्षा संबंधी नियमों का पूर्ण पालन करने की हिदायत दी है। नियमों की अनदेखी पर चालान, वाहन सीज करने और फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा परमिट के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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