हरिद्वार , अप्रैल 26 -- उत्तराखंड में हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रविवार कोडिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में श्री दीक्षित ने कृषि, उद्यान और गन्ना विकास विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान किसानों के खसरा-खतौनी के डिजिटल सर्वे की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए, अन्यथा कार्रवाई तय मानी जाए।

उन्होंने उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसानों की खसरा-खतौनी के अंश निर्धारण का कार्य तेजी से पूरा कराया जाए। इसके लिए लेखपालों को सक्रिय करते हुए कार्य में तेजी लाई जाए और किसी भी स्तर पर विलंब न होने दिया जाए।

बैठक में डीएम ने प्रमाण पत्रों के निर्गमन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सभी प्रमाण पत्र समयबद्ध ढंग से जारी किए जाएं, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। सीएचसी केंद्रों के माध्यम से जारी आधार कार्ड व अन्य प्रमाण पत्रों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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