हरिद्वार , सितंबर 05 -- उत्तराखंड में हरित हरिद्वार अभियान को अब 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। मानसून की अवधि समाप्त होने से पहले जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण पूरा कराने के लिए अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में अभियान की प्रगति पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।
कुंभ मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर चल रहे अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराने के साथ ही आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
वन विभाग और एचआरडीए की ओर से बताया गया कि जिले में सजावटी और वन प्रजातियों के पर्याप्त पौधे उपलब्ध हैं। जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज विभाग तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों के माध्यम से पौधरोपण अभियान को गति दी जाएगी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को 'एक पेड़ गुरु के नाम' अभियान के तहत जिले के सभी विद्यालयों में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों में पौधरोपण कराने और संबंधित विभागों के समन्वय से पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आगामी कुंभ मेले को देखते हुए नगर क्षेत्रों में आंवला, पीपल, नीम और बरगद जैसे ऑक्सीजन देने वाले पौधों का पौधरोपण कर 'ऑक्सीजन लेन' विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। बैठक में सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए पौधरोपण की जानकारी और फोटो 'हरित हरिद्वार एप' पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
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