सोनभद्र , मार्च 28 -- सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र में साढ़े छह वर्ष पूर्व हुए हरिकिशुन खरवार हत्याकांड में शनिवार को सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया। सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 14-14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित करने का आदेश दिया गया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, राम सागर खरवार निवासी पड़री बराईडाड़, थाना म्योरपुर ने 14 जुलाई 2019 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि वह अपने खेत में कार्य कर रहा था और उसके पिता हरिकिशुन खरवार खेत जोत रहे थे। इसी दौरान गांव के शिवकुमार खरवार, अवधेश खरवार, महेंद्र खरवार और दशमतिया मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए खेत जोतने से मना करने लगे।

विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हरिकिशुन खरवार पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी मारपीट कर घायल कर दिया गया। परिजन घायल अवस्था में हरिकिशुन को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने इसे पहला अपराध बताते हुए नरमी बरतने की मांग की, जबकि जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने इसे गंभीर हत्या का मामला बताते हुए कड़ी सजा की पैरवी की।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद चारों आरोपियों शिवकुमार खरवार, अवधेश खरवार, महेंद्र खरवार और दशमतिया-को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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