चंडीगढ़, 31अक्टूबर (वार्ता) शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता एवं बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोका और नशे के एक पीड़ित का शव परिजनों से कथित तौर पर जबरन छीने जाने के मामले में उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया। श्रीमती बादल ने शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर नियम 223 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया और इस मामले को सदन में उठाने की अनुमति मांगी। उन्होंने पंजाब सरकार से पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट तलब करने की भी मांग की। इसके साथ ही संबंधित प्राथमिकी, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित मामले के सभी रिकॉर्ड तथा पुलिस हिरासत में लिए गए दलजीत सिंह के पिता जरनैल सिंह के बारे में जानकारी मांगे जाने का आग्रह किया। सांसद ने 29 अक्टूबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी। उनके अनुसार, यह रिकॉर्डिंग दर्शाती है कि पुलिस अधिकारी ने मामले के तथ्य जानने और पीड़ित परिवार की शिकायत को जिम्मेदारी से उठाने के उनके प्रयासों में बाधा डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बार-बार उनकी बात काटी और उनके पक्ष को दो बार 'गलत विमर्श' बताया। साथ ही उन्हें 'गुमराह' और उनकी चिंताओं को 'अनुचित' करार दिया।
श्रीमती बादल के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा था कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शव अपने कब्जे में लिया था और परिजन उसे स्वयं ले सकते हैं। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है और शव एम्स, बठिंडा में रखा हुआ है। सांसद ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दलजीत के पिता जरनैल सिंह को पुलिसकर्मियों द्वारा ले जाए जाने से जुड़ी तस्वीरों और साक्ष्यों की जानकारी होने से भी इनकार किया तथा इस संबंध में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी।
सांसद ने सवाल उठाया कि पुलिस ने परिवार की अनुमति के बिना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर जरनैल सिंह को कथित तौर पर जबरन क्यों हटाया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस पूरे मामले में एसएसपी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया।
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