ताशकंद , अक्टूबर 23 -- भारत के हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े ने उज़्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 में, शुक्रवार को ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

मिक्स्ड डबल्स टेबल टेनिस रैंकिंग में 26वें स्थान पर मौजूद हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े को सेमीफाइनल में जापान के सोरा मात्सुशिमा और मिवा हारिमोटो (जो विश्व रैंकिंग में 9वें नंबर पर हैं) से 3-0 (11-9, 11-9, 11-8) से हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि, सेमीफाइनल में पहुँचकर ही इस जोड़ी ने अपना मेडल पक्का कर लिया था। इसके साथ ही, एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में पोडियम तक पहुँचने के लिए भारत का 72 साल लंबा इंतज़ार खत्म हो गया।

1954 के संस्करण में सिल्वर मेडल जीतने वाले मीना परांडे और यतिन व्यास, इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स में मेडल जीतने वाले आखिरी भारतीय खिलाड़ी थे।

हरमीत और यशस्विनी ने अपने मिक्स्ड डबल्स अभियान की शुरुआत पहले राउंड में 'बाय' (बिना खेले अगले दौर में पहुँचना) के साथ की। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया के मुहम्मद नेगारा और चित्रा रस्मी को 3-0 (14-12, 12-10, 11-7) से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने चीनी ताइपे के सू सिएन-चिया और वू यिंग स्यूआन को 3-1 (11-6, 12-10, 11-13, 11-7) से हराया। फिर क्वार्टर फाइनल में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए रिपब्लिक ऑफ कोरिया के पार्क गैंग-ह्योन और ली डेउन को 3-2 (11-6, 8-11, 8-11, 11-9, 11-9) से मात दी।

इस जीत के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली और एक मेडल भी सुनिश्चित कर लिया।

वहीं, भारत की दूसरी मिक्स्ड डबल्स जोड़ी - पायस जैन और यूथ ओलंपिक के लिए चुनी गईं सिंड्रेला दास - क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गईं।

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