वड़ोदरा , अक्टूबर 25 -- हरमनप्रीत कौर (126) और दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के बेहतरीन शतकों से भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले महिला वनडे में रविवार को छह विकेट पर 328 रन का विशाल स्कोर बना लिया।

पहले तीन ओवरों में ही स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के जल्दी आउट हो जाने के बाद, भारतीय खेमे में निराशा और अनिश्चितता का माहौल बन गया था। हालाँकि, जल्द ही यह माहौल आत्मविश्वास में बदल गया, जब हरमनप्रीत और शानदार फॉर्म में चल रहीं प्रतिका रावल (61) ने मोर्चा संभाला। इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी की और टीम को एक मुश्किल स्थिति से बाहर निकालते हुए पारी को फिर से संवारा।

प्रतिका का आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ बेहतरीन सूझबूझ दिखाई, लेकिन अपना अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद, बाउंड्री पर खड़े फील्डर को चुनौती देने के चक्कर में वह डीप मिड-विकेट पर कैच आउट हो गईं। तेजल हसबनीस के पास अपनी छाप छोड़ने का एक बेहतरीन मौका था, लेकिन 29 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी पारी की शुरुआत में ही विकेट गंवाकर इस मौके को हाथ से जाने दिया। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं दीप्ति ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्वीप शॉट का बखूबी इस्तेमाल करते हुए कई बाउंड्री लगाईं और सिर्फ 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।

दूसरी ओर, हरमनप्रीत को अपनी 126 रनों की पारी (121 गेंदों में) के दौरान तीन बार जीवनदान मिला; वह खुद भी मानेंगी कि आज वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं थीं। इसके बावजूद, भारत की पूर्व कप्तान ने अपने वनडे करियर का 8वां शतक पूरा किया। उन्होंने इस उपलब्धि पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अपना पूरा फोकस खेल पर बनाए रखा। दूसरे छोर से दीप्ति लगातार रन बनाती रहीं। आखिरी ओवरों में कुछ तनावपूर्ण पलों के बावजूद, इस ऑलराउंडर ने अंतिम ओवर में अपना दूसरा वनडे शतक पूरा करते हुए एक यादगार पारी का समापन किया।

हरमन ने 121 गेंदों की अपनी पारी में 15 चौके लगाए जबकि दीप्ति ने 86 गेंदों में 15 चौके लगाए।

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