चंडीगढ़ , अक्टूबर 21 -- पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब रोडवेज-पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की मांगों पर यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और परिवहन विभाग को इनके समाधान के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

श्री चीमा के निर्देशों के बाद पंजाब राज्य बस अड्डा प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (पनबस) ने 29 अक्टूबर को उनके नेतृत्व में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाने का फैसला किया है। इसमें पनबस के संविदा कर्मचारियों को पीआरटीसी की तर्ज पर नियमित करने के नियमों को अंतिम रूप देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा पर लाने और पिछले आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज पुलिस मामलों को रद्द करने के मुद्दों पर विचार किया जाएगा।

सरकार पंजाब राज्य आउटसोर्स कर्मियों (संविदा नियुक्ति में परिवर्तन) अधिनियम, 2026 के तहत पात्र पनबस कर्मचारियोंको संविदा पर लाने की प्रक्रिया की भी समीक्षा करेगी। इस संबंध में पनबस प्रबंधन ने राज्य के सभी डिपो प्रबंधकों को पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, 30 मई 2026 की कटऑफ तिथि के आधार पर पांच वर्ष तक की सेवा वाले कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच कर 26 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।

आदेश में चेतावनी दी गई है कि सत्यापन में देरी, लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित डिपो अधिकारियों की जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पंजाब रोडवेज-पनबस/पीआरटीसी संविदा कर्मचारी यूनियन पंजाब 25/11 के प्रतिनिधियों रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह, हरकेश कुमार, बलविंदर सिंह राठ, जतिंदर सिंह और प्रदीप कुमार ने अपनी मांगें और समस्याएं रखीं।

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