हरदोई , सितम्बर 28 -- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 25 सितम्बर से रविवार तक लगातार बारिश के खलल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है जब शहर कोतवाली क्षेत्र में सवायजपुर मार्ग पर समुदा के पास शनिवार को हुए सड़क हादसे में मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत के बाद रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान भी परिवार को बारिश की मार झेलनी पड़ी।
लगातार हो रही बारिश से अंतिम संस्कार स्थल पर पानी भर गया था। दाह संस्कार के लिए सूखी लकड़ी भी उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में परिजनों को मजबूरी में मृतका विद्यावती और उनके बेटे सुहेल का दफन करना पड़ा। माँ और बेटे को सड़क किनारे दफनाया गया। बारिश के कारण अंतिम संस्कार की व्यवस्था न हो पाने से परिजनों की मुश्किलें और बढ़ गईं।जबकि दामाद का उसके गांव में अंतिम संस्कार हुआबारिश ने किस तरह से लोगो को दर्द दिया इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है जब लोनार क्षेत्र के भुवनपुरवा निवासी सुहेल (25) की बहन कामिनी को प्रसव पीड़ा के बाद शुक्रवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कामिनी का प्रसव होना था। इसकी जानकारी मिलने पर सुहेल अपनी मां विद्यावती और बहनोई रमेश (32) के साथ अस्पताल जा रहे थे। शनिवार को हरदोई सवायजपुर मार्ग पर शहर कोतवाली इलाके के समुदा के पास उनकी बाईक और कार की आमने सामने टक्कर हो गयी । हादसे में सुहेल, उसकी मां विद्यावती और बहनोई रमेश की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
रविवार को परिजन शवों के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे, लेकिन लगातार बारिश के कारण अंतिम संस्कार स्थल पर पानी भरा हुआ था। आसपास भी बारिश के चलते हालात खराब थे और दाह संस्कार के लिए पर्याप्त सूखी लकड़ी नहीं मिल सकी। विद्यावती और उनके बेटे सुहेल का दाह संस्कार करना संभव नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें सड़क किनारे दफना दिया। वहीं सुहेल के अविवाहित होने के कारण उसका भी दफन किया गया।
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