नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) ने पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ 264 रनों का पहाड़ सा स्कोर बनाया था, लेकिन फिर भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दो दिन बाद सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के ख़िलाफ़ उसी बल्लेबाज़ी क्रम का स्कोर चौथे ओवर में आठ रन पर छह विकेट था और जॉश हेज़लवुड व भुवनेश्वर कुमार की टेस्ट मैचों जैसी गेंदबाज़ी के सामने डीसी की पूरी टीम सिर्फ़ 16.3 ओवरों में ही 75 रन पर ऑलआउट हो गई।

डीसी के कप्तान अक्षर पटेल ने ना सिर्फ़ ख़राब बल्लेबाज़ी, बल्कि पिछले मैच की निराशा और ख़राब क़िस्मत को भी इस प्रदर्शन का दोष दिया। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "पिछले मैच में जो हुआ, उसकी वजह से मुझे लगता है कि टीम में थोड़ी झिझक थी। इतने रन बनाने के बाद अगर आप देखोगे तो 10 में से नौ बार किसी टीम को जीत मिलती है। लेकिन उस हार के बाद हमें लगा कि हम यह विशाल टोटल भी डिफ़ेंड नहीं कर सकते हैं।

उन्होंने साथ ही कहा, "इसके अलावा हमारी क़िस्मत भी इस मैच में ख़राब थी। ऐसा नहीं हुआ कि कोई बल्लेबाज़ सेट होकर आउट हुआ। यह हमारा ख़राब क़िस्मत ही था कि कोई भी बल्लेबाज़ पिच पर खड़ा ही नहीं हो पाया और पहले 15-16 गेंद (23 गेंद) में ही हमारे छह विकेट चले गए थे। यह खराब क़िस्मत ही है और हमें यह दिन भूलकर आगे बढ़ना होगा।"पिच के बारे में बात करते हुए अक्षर ने कहा, "यह पिच भी वैसे ही दिख रहा था, जैसा दो दिन पहले वाले मैच का था, जहां पर इतने सारे रन बने थे। बल्लेबाज़ों के बैक ऑफ़ द माइंड में भी लगभग यही रहा होगा कि वैसी ही उछाल होगी, वैसा ही पिच होगा। लेकिन आज हवा भी चल रही थी और यह रात का मैच था, इसकी वजह से मुझे लगता है कि शुरुआत में गेंदबाज़ों को ज़्यादा स्विंग मूवमेंट मिला।

"इसके अलावा भुवी (भुवनेश्वर) और हेज़लवुड विश्व स्तरीय गेंदबाज़ हैं और कोई भी विकेट या ग्राउंड हो, उन्हें पहले दो ओवरों में स्विंग मिलेगा ही। लेकिन आज जिस तरह से उनको स्विंग मिल रहा था, उन्होंने अच्छा टप्पा डाला, जबकि बल्लेबाज़ों को लगा कि पिछले मैच की तरह गेंद इस मैच में भी अच्छा आएगा। इस चक्कर में एक-दो बल्लेबाज़ आउट हुए और टीम पर दबाव बन गया। यह विकेट बल्लेबाज़ों के लिए सडेन शॉक जैसा था, हालांकि मुझे लगता है कि एक प्रोफ़ेशनल के रूप में हमें तैयार रहना चाहिए था।"यह डीसी की इस सीजन आठ मैचों में पांचवीं हार थी। उन्होंने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत से की थी, लेकिन इसके बाद से उनका प्रदर्शन लगातार नीचे ही गया है और अब उन्हें अपने प्ले ऑफ़ की संभावनाओं को बरक़रार रखने के लिए बहुत ही कम ग़लतियां करनी होंगी और इक्का-दुक्का मैच ही हारने होंगे। ऐसे में कप्तान अक्षर के ऊपर भी बड़ी ज़िम्मेदारी होगी, जो कि ख़ुद गेंद और बल्ले दोनों से ख़राब फ़ॉर्म और निरंतरता से जूझ रहे हैं। अब उन्हें इस टीम को दो लगातार तोड़ देने वाली हारों से उबारने की ज़िम्मेदारी है। इससे पहले डीसी को इसी सीजन गुजरात टाइटंस के ख़िलाफ़ भी एक रन की निराश करने वाली हार मिली थी।

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