वाशिंगटन , मार्च 31 -- अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका को अब ईरान के खिलाफ अपने अभियानों में स्पेन की सहायता की आवश्यकता नहीं है।
यह बयान स्पेन द्वारा संघर्ष में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के निर्णय के बाद आया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि अमेरिकी सेना 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत अपने सभी लक्ष्यों को पूरा कर रही है या उससे आगे निकल रही है तथा उसे स्पेन या किसी अन्य की मदद की ज़रूरत नहीं है।
न्यूजवीक के अनुसार, अमेरिका स्पेन के इनकार को ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाइयों का समर्थन न करने के उसके रुख के रूप में देखता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पेन द्वारा अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों तक पहुंच देने से इनकार करने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पेन के साथ व्यापार बंद करने की धमकी दी थी।
इससे पहले मार्च में, अमेरिका ने स्पेन पर रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पांच प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए दबाव डाला था। हालांकि स्पेन ने लगातार अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखा है और उन सैन्य कार्रवाइयों में भाग लेने से इनकार कर दिया है जिन्हें वह कानूनी रूप से अनुचित मानता है।
स्पेन ने विशेष रूप से रोता और मोरोन ठिकानों का ईरान से संबंधित अभियानों के लिए उपयोग करने के अमेरिकी अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया है, जिसमें ईंधन भरने वाले विमानों की उड़ानें शामिल हैं। श्री ट्रम्प ने उन देशों, विशेष रूप से ब्रिटेन की कड़ी आलोचना की है, जिन्होंने युद्ध में अमेरिका का समर्थन करने से इनकार कर दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में सहायता करने के प्रति भी अनिच्छा जताई है।
श्री ट्रम्प ने कहा, "वे सभी देश जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य के कारण जेट ईंधन नहीं मिल पा रहा है, जैसे ब्रिटेन, उनके लिए मेरे पास सुझाव है- पहला, अमेरिका से खरीदें, हमारे पास बहुत है। दूसरा, कुछ साहस जुटाएं और जलडमरूमध्य में जाकर इसे बस ले लें।"अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले कहा था कि अमेरिका और ब्रिटेन के संबंध हमेशा बेहतरीन थे जब तक कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर नहीं आए थे। उन्होंने ईरान के साथ युद्ध को अमेरिका के साथ गठबंधन के संबंधों की 'बड़ी परीक्षा' भी बताया।
श्री ट्रम्प ने नाम लिए बिना अन्य देशों पर हमला करते हुए कहा कि जिन देशों ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया है, उन्हें अब अपने लिए लड़ना सीखना शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, "आपको अपने लिए लड़ना सीखना शुरू करना होगा, अमेरिका आपकी मदद के लिए अब वहां नहीं होगा, ठीक वैसे ही जैसे आप हमारे लिए वहां नहीं थे।"उल्लेखनीय है कि ट्रम्प ने नाटो सदस्यों पर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में अमेरिका की सहायता करने से इनकार करके 'मूर्खतापूर्ण गलती' करने का भी आरोप लगाया। वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान और ऊर्जा बाजारों पर बढ़ते दबाव के बावजूद, उन्होंने बार-बार यह भी कहा है कि अमेरिका को सहयोगियों के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। इस बीच सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इटली ने कुछ दिन पहले सिसिली के सिगोनेला एयर बेस पर अमेरिकी बमवर्षक विमानों को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित