हमीरपुर , सितम्बर 26 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में पिछले दो दिनो से हो रही बारिश से कई कच्चे मकान धराशायी हो गये है जिसके मलबे में दबने से कम से कम दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं गल्ला मंडी सुमेरपुर में पानी भर जाने से पूरे सैकडो कुंटल गल्ला भीग गया।
सूत्रों के मुताबिक जिले में दो दिन में कम से कम 908.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। शनिवार को 172 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गयी है। कुरारा ब्लाक के सिकरोढी गांव में शुक्रवार को देर रात कच्चा मकान गिरने से रामप्रकाश(60) की मौके पर ही मृत्यु हो गयी। मृतक का परिवार कोटरा मकरंदपुर(घाटमपुर) में रहता है, जलालपुर क्षेत्र के भेडी डांडा गांव में कच्चा मकान गिरने से संध्या सिंह(50) पत्नी कमल सिंह की मौत हो गयी।
स्थानीय सुनराही गली मोहाल में दीपू पुरुवार का पक्का मकान भराभर कर गिर गया। टोडर पुर गांव में बलखंडी प्रजापति का मकान गिरने से उसकी कीमती दो भैसे दबकर मर गयी,जिनकी कीमत कम से कम दो लाख रुपये बतायी जाती है। मौदहा क्षेत्र में चंद्रावल नदी पढोरी रपटा के ऊपर से चलने के कारण मौदहा सिसोलर मार्ग बंद हो गया है जबकि अरतरार, तिंदुही करहिया के मार्ग में बने रेलवे के अण्डर पास पानी से भर जाने के कारण लोगों का कस्बे से सम्पर्क पूरी तरह से टूट गया है। गुरदहा गांव नदी बढने से टापू में तब्दील हो गया है। इतना ही नहीं कस्बे का इलाही तालाब पूरी तरह से भर जाने के कारण नगरपालिका ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के पहले ही जेसीबी मशीन से जल निकासी शुनिश्चित करा दी है।
सुमेरपुर क्षेत्र के मौहर गांव में बारिश के कारण रामगोपाल का कच्चा मकान अचानक ढह गया। मकान के भीतर दबने के कारण चार भेड़ों की मौत हो गई जबकि पशुपालक ने मुस्तैदी दिखाते हुए 46 भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इंगोहटा के लीणा नाले में उफान आने से गौशाला में पानी भर गया जिसके बाद पशुधन प्रसार अधिकारी आरबी सिंह ने मौके पर पहुँचकर बेसहारा गोवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
कस्बा स्थित गल्ला मंडी के बाहर नाला उफनाने से पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो गया है। आढ़तों में पानी घुसने से व्यापारियों का सैकड़ों कुंतल अनाज भीगकर खराब हो गया है। मंडी कार्यालय के बाहर भी आधा फीट से अधिक पानी भरा हुआ है। तेज हवाओं और लबालब पानी के कारण धान की फसल गिरकर बिछ गई है।
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