हमीरपुर , अक्टूबर 27 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में कार्यदायी संस्था यूपी सिडको की ओर से कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। स्थानीय स्टेडियम में निर्माण कार्य के दौरान तीन बाल श्रमिक काम करते पाए गए, जबकि 30 मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई है।
रुरीपारा गांव में राजकीय विद्यालय के निर्माण में घटिया सरिया लगाए जाने की शिकायत मिली है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर संस्था के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी शमीम अहमद ने मंगलवार को बताया कि यूपी सिडको की ओर से जिले में कई निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें कुंडौरा में राज्य कर विभाग के कार्यालय का निर्माण, रुरीपारा में नवीन राजकीय हाईस्कूल का निर्माण, स्थानीय स्टेडियम में बैडमिंटन हॉल और पवेलियन का निर्माण तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), राठ में आवास निर्माण शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी दामोदर प्रसाद अग्रहरि ने पिछले दिनों स्थानीय स्टेडियम का निरीक्षण किया था। इस दौरान तीन बाल श्रमिक काम करते मिले। वहां कार्यरत 30 मजदूरों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी नहीं दिए जाने की बात सामने आई। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अशोक कुमार को सौंप दी है।
इसी तरह रुरीपारा गांव में नवीन राजकीय हाईस्कूल के निर्माण की जांच में घटिया गुणवत्ता की सरिया इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। अन्य निर्माण कार्यों में भी कमियां पाई गई हैं। आईटीआई राठ में निर्माण कार्य प्लिंथ स्तर पर पाया गया, जबकि काम में देरी की बात भी सामने आई है।
यूपी सिडको के मुख्य अभियंता जगपाल वर्मा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संस्था के अधिशासी अभियंता को जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
यूपी सिडको के सहायक अभियंता रोहित ने कहा कि संबंधित कार्य उनके कार्यकाल के नहीं हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी शमीम अहमद ने बताया कि मामले में संस्था के खिलाफ आवश्यक पत्राचार कर रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है।
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