हमीरपुर , मई 29 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बीती रात आए चक्रवाती तूफान और तेज आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे करीब 340 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई तथा लगभग 500 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। प्राकृतिक आपदा में एक महिला की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए। प्रारंभिक आकलन में करीब 80 लाख रुपये के नुकसान की बात सामने आई है।

विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने शुक्रवार को बताया कि तेज तूफान के कारण जिले में व्यापक नुकसान हुआ है। कई घरों की टीन शेड और छप्पर उड़ गए तथा सबसे अधिक क्षति राठ और सुमेरपुर क्षेत्र में हुई है। बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने से कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया है।

मौदहा तहसील क्षेत्र में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल धराशायी हो गए, जिससे पिछले करीब 20 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। कई संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। फत्तेपुर मोहल्ले में पीपल के पेड़ पर बैठे करीब 50 तोतों की भी मौत हो गई।

तूफान के चलते अजय कुमार, लीलावती, मदन और सलाहुद्दीन समेत 11 लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। अरतरा और रोहरी गांव की गौशालाओं के टीन शेड उड़ गए, जबकि अछरेला गांव में प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री वॉल गिर गई। सिजवाही गांव में सरकारी ट्यूबवेल पर पेड़ गिरने से जलापूर्ति ठप हो गई।

सुमेरपुर क्षेत्र के चंद्रपुरवा बुजुर्ग गांव में पेड़ की डाल गिरने से 80 वर्षीय कैलसिया देवी की मौत हो गई। वहीं प्रदीप, रामजीवन, अर्जुन, श्यामकली समेत चार लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मौदहा-कपसा मार्ग पर निर्माणाधीन वैकल्पिक रास्ते में कीचड़ भर जाने से दोपहर तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।

बिजली विभाग के एसडीओ आरके वर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल और तारों को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है तथा शुक्रवार देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का प्रयास है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान फिर तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

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