हमीरपुर , अक्टूबर 25 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में जिला खनिज न्यास (डीएफएम) मद से बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूलों के सुधारने के लिये दो साल पहले खर्च किये गये करोडो रुपये के बजट के जांच के आदेश दिया गया है। काम कराने के लिये कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम कानपुर को नामित किया गया था।
जिला खनिज अधिकारी विकास कुमार परमार ने रविवार को बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों को और अधिक सुधारने व बच्चों को सुविधाये उपलब्ध कराने के लिये खनिज विभाग ने कक्ष निर्माण,वाटर कूलर,झूला स्थापना,आगनवाडी फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, टीवी लगाना समेत कई मदो में करीब बीस करोड रुपये से अधिक धनराशि जिला खनिज न्यास(डीएफएम) से दिया था, इसके लिये मानक के अनुरुप काम कराने के लिये कहा गया था।
शासन ने उप्र लघु उद्योग निगम कानपुर को कार्य कराने की जिम्मेदारी दी थी, इस मामले की शिकायत बस्ती जिले के राहुल शुक्ला ने शासन से की थी। उनका कहना है कि कार्यदायी संस्था ने घटिया सामग्री लगाकर बजट को ठिकाने लगाया है।
माामले को गंभीरता से लेते हुये भूतत्व खनिज विभाग के अनुसचिव धर्मपाल पांडेय ने हमीरपुर प्रशासन से कहा है कि मामले की जांच गंभीरता से करे और अगर को अनियमितता मिलती है तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाये। तीन साल पहले जो कार्य कराये गये थे जिसमे प्राइमरी जूनियर हाईस्कूलों में जो स्मार्ट टीबी लगाये गये थे वे बंद हो गये है झूलों की हालत भी बहुत खराब है। वाटर कूलर की स्थिति ठीक नही बतायी जाती है।
जिला खनिज अधिकारी का कहना है कि उन्होने प्रशासन की संस्तुति से धनराशि दे दी थी क्या काम हुआ गुणवत्ता क्या है कार्यदायी संस्था जाने व विभाग जाने। यह पहला मामला है जो जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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