हमीरपुर , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के करीब 20 हजार राशन उपभोक्ता गैर प्रांतों में रहकर वहीं से सरकारी राशन प्राप्त कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक उपभोक्ता दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद में हैं, जबकि एक हजार से अधिक उपभोक्ता गुजरात में रहकर राशन का लाभ उठा रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव ने बुधवार को बताया कि डिजिटल राशन वितरण व्यवस्था के तहत राशन कार्डधारक देश में किसी भी स्थान से अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकता है। हमीरपुर जिले में कुल दो लाख 39 हजार 57 राशन कार्डधारक हैं। विभाग के अनुसार 90 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता अपने निर्धारित कोटेदार की दुकान से राशन प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। ऐसे उपभोक्ता वहां से राशन प्राप्त करते हैं और इसकी जानकारी विभागीय पोर्टल पर दर्ज हो जाती है। पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार हमीरपुर के सबसे अधिक उपभोक्ता दिल्ली-एनसीआर में राशन ले रहे हैं। इसके अलावा गाजियाबाद और गुजरात में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना का लाभ उठा रहे हैं।
डीएसओ ने बताया कि इसके विपरीत गैर प्रांतों के करीब दो-तीन हजार राशन उपभोक्ता हमीरपुर जिले से राशन प्राप्त करते हैं। यमुना नदी के पार स्थित पावर प्लांट में काम करने वाले कई उपभोक्ता बिहार और पंजाब के रहने वाले हैं। अपने क्षेत्र की राशन दुकानों पर स्थानीय उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिलने के कारण ये लोग हमीरपुर शहर आकर राशन प्राप्त करते हैं।
उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यवस्था में दूसरे स्थान के पात्र राशन कार्डधारक को राशन देने से मना नहीं किया जा सकता। ऐसे में स्थानीय उपभोक्ताओं को राशन मिलने में परेशानी होने की शिकायतें भी सामने आती हैं, जिससे उनमें रोष है। नये नियमों के अनुसार प्रत्येक राशन उपभोक्ता के लिए हर साल ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। हालांकि शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए ई-केवाईसी आवश्यक नहीं होगी और उन्हें राशन उपभोक्ता सूची में शामिल किया जाएगा।
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