रांची , मई 12 -- झारखंड की कृषि व्यवस्था को अधिक सशक्त, संगठित एवं किसान-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि कर्मशाला का सफल समापन हुआ।
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करेगी। सुश्री तिर्की ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष एल-नीनो प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी जिलों को आकस्मिक सुखाड़ योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। कार्यशाला के दौरान जिलों द्वारा प्रस्तुत ड्राफ्ट कंटिजेंट प्लान पर विस्तृत चर्चा कर राज्य स्तरीय समेकित योजना तैयार की गई।
सुश्री तिर्की ने कहा कि किसानों की सुरक्षा, समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधा, कृषि ऋण, उर्वरक एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पंचायत स्तर तक किसानों की भागीदारी बढ़ाने, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन तथा एफपीओ एवं स्वयं सहायता समूहों सुश्री तिर्की ने को योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
सुश्री तिर्की ने कहा कि इस वर्ष मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की वास्तविक सफलता का मापदंड है और राज्य सरकार खेती को लाभकारी, टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
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