बेंगलुरु , अगस्त 17 -- कर्नाटक में चामराजनगर जिले के हनूर में कथित मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत पर सोमवार को राज्य विधान परिषद में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष ने इसे "सरकारी हत्या" करार दिया, जबकि सरकार ने भरोसा दिलाया कि न्यायिक जांच से सच सामने आएगा और जांच के नतीजों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष के नेता सी नारायणस्वामी ने मौतों से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए और सरकार से तुरंत स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने घटना के बारे में पुलिस के बयान पर सवाल उठाए, खासकर उन हालात पर जिनमें तीनों लोगों को गोली मारी गई थी। उन्होंने चौथे व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मांगी, जिसके बारे में उनका दावा था कि वह घायल हुआ था और बाद में मैसूर के अस्पताल से गायब हो गया।
उन्होंने पूछा, "चौथा व्यक्ति अस्पताल से क्यों गायब हो गया? क्या इसलिए कि वह घटना का सच बता सकता था?"श्री नारायणस्वामी ने इस दावे पर भी सवाल उठाए कि पीड़ित जंगल से जुड़े अपराधों में शामिल थे। उन्होंने सरकार के ही उन बयानों की ओर इशारा किया जिनमें कहा गया था कि उनमें से कुछ लोगों के ऐसे अपराधों में शामिल होने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी।
उन्होंने गोलीबारी की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए और मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसके अनुसार पीड़ितों को बहुत करीब से गोली मारी गई थी। उन्होंने पूछा, "अगर यह आत्मरक्षा में की गई गोलीबारी थी, तो उन्हें इतनी करीब से गोली क्यों मारी गई?"विपक्ष के नेता ने यह भी सवाल किया कि पुलिस के पास बड़ी संख्या में जवान थे तो वह संदिग्धों को क्यों नहीं पकड़ सकी।उन्होंने पूछा, "अगर सैकड़ों कर्मचारी मौजूद थे, तो उन चार लोगों को घेरकर गिरफ़्तार क्यों नहीं किया जा सका?"उन्होंने कहा कि इस घटना से जंगल और उसके आस-पास रहने वाले लोगों में चिंता पैदा हुई है और किसानों तथा स्थानीय निवासियों के विरोध-प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया।
श्री नारायणस्वामी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की इस घटना को लेकर की गई निंदा का भी हवाला दिया, जिन्होंने मुठभेड़ के बारे में कर्नाटक सरकार के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए थे।
स्पष्टीकरण की बार-बार की जा रही मांगों के कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के पहले ही समाप्त होने के कारण सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहा ।
विपक्ष को जवाब देते हुए वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि सरकार ने खुद न तो वन विभाग के बयान को और न ही घटना से जुड़े लोगों के विरोधाभासी बयानों को अंतिम माना है। श्री खंड्रे ने बताया कि उन्हें 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कुछ ही देर बाद इस मुठभेड़ के बारे में पता चला।
उन्होंने कहा, "मुझे सुबह करीब 11 बजे संदेश मिला कि हनूर में एक मुठभेड़ में तीन लोग मारे गए हैं। मैंने तुरंत जानकारी मांगी और पता लगाने के लिए मैसूर गया।"उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना से जुड़े लोगों के बयानों की जांच की है, जिसमें भागने वाला एक व्यक्ति भी शामिल है।
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