चामराजनगर , अगस्त 16 -- कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुका में वन विभाग के कर्मचारियों की गोलीबारी में ईसाई समुदाय के तीन लोगों की मौत के बाद मरतल्ली ग्राम पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सेल्वम ने समुदाय के नेताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
श्री सेल्वम ने एक वीडियो बयान में कहा कि मृतकों के परिवारों को उम्मीद थी कि समुदाय के नेता इस मामले पर बोलेंगे और अपनी चिंताएं जाहिर करेंगे लेकिन उन्हें निराशा हुई कि किसी भी प्रमुख प्रतिनिधि ने इस मुद्दे पर बात नहीं की। उन्होंने खास तौर पर ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज और कांग्रेस नेता इवान डिसूजा से अपील की कि वे इस घटना पर प्रतिक्रिया दें और पीड़ित परिवारों का साथ दें।
श्री सेल्वम ने कहा, "कर्नाटक में हम लगभग 13 लाख ईसाई हैं। अगर किसी दूसरे समुदाय के तीन लोगों की ऐसी परिस्थितियों में मौत हुई होती, तो बहुत बड़ी प्रतिक्रिया हुई होती। लेकिन हमारे समुदाय के नेता आगे नहीं आए हैं।" उन्होंने सवाल किया कि समुदाय के प्रतिनिधियों के बोलने से पहले और कितनी मौतें होनी चाहिए और श्री जॉर्ज व श्री डिसूजा से इस घटना पर बयान जारी करने का आग्रह किया।
श्री सेल्वम ने कहा कि ईसाई समुदाय के लोगों ने जिम्मेदार पदों पर बैठे चुने हुए प्रतिनिधियों पर यह उम्मीद करते हुए भरोसा जताया था कि जब भी समुदाय के सदस्यों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, तो वे दखल देंगे। इन मौतों के बाद हनूर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। स्थानीय निवासी और पीड़ित परिवार गोलीबारी की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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