हनुमानगढ़ , जून 19 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया इस बार बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और लापरवाहियों से घिरी हुई नजर आ रही है।

जिला प्रशासन द्वारा करायी जा रही जांच में कई मामले पकड़ में आये हैं और दोषी व्यापारियों एवं किसानों को नोटिस जारी किये जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी क्रम में अब पीलीबंगा पुलिस ने 14 व्यापारिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बारदाना वितरण घोटाले का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सहकारी संस्था तिलम संघ के महाप्रबंधक अनुपम सिंह ने पीलीबंगा थाना में यह प्राथमिकी दर्ज कराई है।

महाप्रबंधक अनुपम सिंह ने प्रमोद इंटरप्राइजेज रावतसर, पीलीबंगा की श्रीराम पेस्टिसाइड्स, जगदीश प्रसाद श्यामसुंदर, चुन्नीलाल जीवनराम, दिलीपचंद्र विजयकुमार, राकेश टीसी, सतपाल, अग्रवाल ट्रेडर्स, नौलख जिनिंग, डीएम डूंगर इंडस्ट्रीज, जयशंकर टीसी, नोहरचंद सतीशकुमार, अजीत टीसी और शिवचंद प्रेमकुमार के संचालकों पर गंभीर आरोप लगाये हैं।

सरकार द्वारा किसानों से गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की योजना चलायी जा रही है। तिलम संघ को इस योजना के तहत तृतीय चरण में 35 हजार 187 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारतीय खाद्य निगम द्वारा विभिन्न चरणों में बारदाना उपलब्ध कराया गया। तिलम संघ ने बारदाना को हैंडलिंग एंड ट्रांसपोर्ट एजेंसी के माध्यम से मंडी की विभिन्न प्रतिष्ठानों को समान रूप से वितरित करना था।

श्री सिंह के अनुसार एजेंसी ने नियमों के विपरीत इन प्रतिष्ठानों को बारदाना वितरित किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन पहले से ही गेहूं खरीद प्रक्रिया में पायी गयी अनियमितताओं की जांच कर रहा है। इस तरह की गड़बड़ियों से ईमानदार किसानों को नुकसान पहुंच रहा है और सरकारी योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस जांच में आगे और खुलासे होने की संभावना है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिये हैं कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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