हनुमानगढ़ , मई 20 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग के दल ने बुधवार को तलवाड़ा क्षेत्र के भूरानपुरा गांव में एक घरेलू फैक्ट्री का भंडाफोड़ करके नकली दूध बनाने के पूरे रैकेट को उजागर किया।

अवैध फैक्ट्री में डिटर्जेंट, सॉरबिटोल और आटे का मिश्रण करके नकली दूध तैयार किया जा रहा था, जो बाजार में असली दूध के रूप में भेजा जा रहा था। आधिकारिक सू्त्रों ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के दल ने सुबह भूरानपुरा गांव के एक मकान में छापा मारा। वहां से पूरी तरह से तैयार नकली दूध, कच्चा माल और पैकिंग सामग्री बरामद हुई। मौके पर मौजूद संदिग्ध सामग्री के नमूने जब्त कर लिये गये, जबकि बाकी नकली दूध और अमानक मिश्रण को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक सस्ता और तेज फॉर्मूला तैयार किया था। डिटर्जेंट झाग और सफेदी के लिए, सॉरबिटोल गाढ़ापन और मिठास के लिए और आटा मात्रा बढ़ाने और गाढ़ापन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इन तीनों को पानी में मिलाकर 'दूध' तैयार किया जाता था, जिसे आसपास की डेयरियों और दूध विक्रेताओं को आपूर्ति किया जा रहा था।

क्षेत्र में पशुओं की संख्या कम होने के बावजूद दूध की आपूर्ति लगातार बढ़ती जा रही थी। इस असंगति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा। जिससे आसपास की कई डेयरियों में खलबली मच गयी।

सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि दूध हमारे बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का मुख्य आहार है। इसमें मिलावट या नकली उत्पादन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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