जयपुर , जून 05 -- राजस्थान में जयपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग, हनीट्रैप और करोड़ों रुपये की उगाही के मामले में शुक्रवार को आरोपी दिशा बाबला और धीरज कुमार की याचिकायें खारिज कर दी।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की जमानत मंजूर करने से इन्कार कर दिया।
जयपुर पुलिस ने इस मामले में पहले दिशा बाबला को जोधपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद महेश नगर थाना पुलिस ने मामले के कथित मुख्य आरोपी धीरज कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया था।
परिवादी विमल डागा ने आरोप लगाया था कि उसकी पूर्व इंटर्न दिशा बाबला, उसके साथी धीरज कुमार, भाई करण बाबला और अन्य लोग लंबे समय से उसे धमका रहे थे। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के माध्यम से अश्लील फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की मांग की।
यह भी आरोप लगाया गया कि परिवादी से अब तक करीब 90 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं और आरोपी पक्ष लगातार 50 लाख रुपये अतिरिक्त की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी उसके एआई पर कब्जा करना चाहते थे। इसके लिये वे सोशल मीडिया, ई-मेल और अन्य माध्यमों से लगातार दबाव बना रहे थे।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गयी। परिवादी ने आरोप लगाया था कि एआई तकनीक का दुरुपयोग करके उसकी छवि खराब करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक सामग्री तैयार की गयी और उसे वायरल करने की धमकी दी गयी। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ललित शर्मा ने कहा कि यह एक संगठित गिरोह का मामला प्रतीत होता है, जिसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आयी है। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
सत्र न्यायालय में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश रवि बाला सिंह ने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत ने माना कि मामले के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और वर्तमान परिस्थितियों में आरोपियों की जमानत मंजूर करने का लाभ नहीं दिया जा सकता।
जमानत याचिका खारिज होने के बाद दिशा बाबला और धीरज कुमार को फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में ही रहना होगा। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों और कथित नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
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