बैतूल , सितंबर 27 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के आठनेर की हनविका कनाठे (दो वर्ष नौ माह) की कम उम्र में असाधारण स्मरण शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।

हनविका ने भारत के सभी राज्यों और उनकी राजधानियों के नाम अंग्रेजी के अल्फाबेटिकल क्रम में महज 44 सेकंड में बिना रुके सुना दिए। हनविका की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों में भी खुशी का माहौल है।

परिवार के अनुसार हनविका को करीब एक वर्ष की उम्र से ही खेल-खेल में सामान्य ज्ञान की बातें सिखाने की शुरुआत की गई थी। जब परिजनों ने देखा कि वह विभिन्न जानकारियों को तेजी से याद कर लेती है, तो उसके सीखने की रुचि को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विषयों की जानकारी याद कराने का अभ्यास कराया गया।

इसी क्रम में हनविका ने भारत के राज्यों और उनकी राजधानियों के नाम याद किए। बाद में उसकी प्रतिभा को रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में प्रयास किया गया। रिकॉर्ड के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत हनविका ने सभी राज्यों और उनकी राजधानियों के नाम 44 सेकंड में क्रमवार सुनाए, जिसके बाद उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।

हनविका की स्मरण शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे 30 से अधिक मंत्र भी याद हैं। इसके अलावा वह फूलों, खेलों, नदियों, ग्रहों और महाद्वीपों के नाम भी बता लेती है। कई सामान्य ज्ञान से जुड़े फुल फॉर्म भी उसे याद हैं। परिवार का कहना है कि हनविका की सीखने की क्षमता और रुचि को देखते हुए उसे पढ़ाई के दबाव के बजाय खेल-खेल में नई जानकारियां सिखाई जा रही हैं।

हनविका के पिता नितेश कनाठे हरदा जिले में क्रीड़ा अधिकारी हैं, जबकि मां पूजा कनाठे शिक्षिका हैं। माता-पिता का कहना है कि बच्ची ने जिस तरह कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है, उससे परिवार उत्साहित है और उसकी रुचि को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। हनविका को उसकी प्रतिभा के लिए हरदा कलेक्टर की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है।

वहीं, बैतूल में रविवार को उसे मणिकर्णिका सम्मान से सम्मानित किया गया। इतनी कम उम्र में रिकॉर्ड बनाने वाली हनविका की उपलब्धि ने परिवार और आसपास के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

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