पटियाला , अप्रैल 02 -- पंजाब में पटियाला पुलिस ने गुरूवार को एक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार आपूर्ति मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 अत्याधुनिक सेल्फ-लोडिंग हथियार बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान सौरभ कुमार निवासी गाँव जरंग डीह, मुजफ्फरपुर, बिहार, साजन निवासी सोहाना, एसएएस नगर (मोहाली), अभिषेक उर्फ काका निवासी गुरदीप कॉलोनी, अबलोवाल, पटियाला और इंदरजीत सिंह उर्फ रोहित निवासी पुराना बिशन नगर, पटियाला के तौर पर हुई है।
श्री यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी बिहार से देशी हथियार मंगवाते थे और आपराधिक गतिविधियों के लिए राज्य में उनकी आपूर्ति करते थे। आगे की जांच में गैंगवार (गिरोहबंदी की प्रतिद्वंद्विता) का भी संकेत मिला है। ये आरोपी इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए गोल्डी ढिल्लों नेटवर्क से जुड़े एक प्रतिद्वंद्वी अपराधी को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मामले में 'बैकवर्ड' और 'फॉरवर्ड' लिंकेज स्थापित करने हेतु आगे की जांच जारी है।
ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि पुलिस टीमों को सूचना मिली थी कि बिहार निवासी सौरभ कुमार अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर राज्य में लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग) और अन्य जघन्य अपराधों को अंजाम देने के लिए कुख्यात अपराधियों को देशी सेल्फ-लोडिंग पिस्तौल की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा कि एसपी (जांच) पटियाला गुरबंस सिंह बैंस और डीएसपी हरमन चीमा की देखरेख में सीआईए पटियाला यूनिट और एसएचओ शंभू ने जाल बिछाया और हथियारों की तस्करी में शामिल इन चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपी सौरभ कुमार बिहार के मुजफ्फरपुर में अवैध रूप से स्थापित हथियार निर्माण इकाइयों से हथियारों का प्रबंध कर रहा था और परिवहन के विभिन्न साधनों का उपयोग करके उन्हें पंजाब में सप्लाई कर रहा था। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह भी पाया गया कि गिरफ्तार आरोपी अभिषेक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के संपर्क में था और सक्रिय रूप से गैंगवार में शामिल था।
इस संबंध में पटियाला के थाना शंभू में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित