पुणे , अगस्त 04 -- महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने हत्या के चार संदिग्धों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने को लेकर पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इन आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद पुलिस वाहन के बोनट पर बिठाकर सड़कों पर घुमाया गया था।

आयोग ने इस घटना को 'जंगल राज' का प्रतीक बताते हुए प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। यह नोटिस महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पुणे पुलिस आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों को भेजे गये हैं।

यह घटना जुलाई में हुई हत्या के मामले से जुड़ी है। इसमें पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद, जुलूस के दौरान आरोपियों को बाँधकर पुलिस वाहन के बोनट पर बिठाया गया। रिपोर्ट है कि उन्हें घुटनों के बल चलने के लिए भी मजबूर किया गया और जुलूस के दौरान उनके साथ मारपीट की गयी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही मृतक के परिजनों को संदिग्धों पर चप्पल मारते भी देखा गया।

आयोग ने पुणे पुलिस को 20 अगस्त तक इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

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