हजारीबाग , जुलाई 07 -- झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिद्दी थाना क्षेत्र से गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने उनके कब्जे से एक स्कॉर्पियो वाहन, एक देशी लोडेड पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मैगजीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 06 जुलाई की रात पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि सफेद रंग की स्कॉर्पियो (जेएच-10एआर-8705) से कुछ अपराधी हथियारों के साथ गिद्दी से मांडू होते हुए हजारीबाग की ओर आ रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बड़कागांव अमित आनंद (भा.पु.से.) के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
छापामारी दल ने गिद्दी-मांडू मार्ग पर कनकी मोड़ के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने कुछ दूरी पर वाहन रोक दिया और उसमें सवार लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दो अपराधियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय मोहित सिंह उर्फ कुणाल तथा 34 वर्षीय भोला उर्फ ओम प्रकाश पाल के रूप में हुई है।
पूछताछ में दोनों ने स्वयं को राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि गिरोह लूट, फिरौती, रंगदारी वसूली तथा क्षेत्र में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देता है।
पुलिस के अनुसार, मोहित सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह दिसंबर 2025 में उरीमारी थाना क्षेत्र के विस्थापित नेता दशई मांझी के घर पर हुई फायरिंग की घटना में शामिल था। जनवरी 2026 में भी राहुल दुबे गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ हथियारों के साथ गिरफ्तार होकर जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद 2 जून 2026 को गिद्दी सीसीएल चेकपोस्ट पर हुई फायरिंग की घटना में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी।
इस मामले में गिद्दी थाना कांड संख्या 17/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2), 111(3) तथा आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद, पुलिस निरीक्षक शाहिद रजा, गिद्दी थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन, केरेडारी थाना प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, तकनीकी एवं नक्सल शाखा के पुलिसकर्मी तथा गिद्दी व उरीमारी थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।
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