हजारीबाग , फरवरी 25 -- झारखंड में हजारीबाग जिले के तत्कालीन उपायुक्त रविशंकर प्रसाद शुक्ला द्वारा जारी आदेश के बावजूद बड़कागांव से केरेडारी होते हुए हजारीबाग जाने वाले मार्ग पर कोयला लदे हाईवा वाहनों का परिचालन एक बार फिर शुरू हो गया है।

पहले इस मार्ग पर आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कोल वाहनों की नो-एंट्री लागू की गई थी, लेकिन अब उस आदेश की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों और पैसों के दबाव में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। दिन-रात भारी भरकम हाईवा इस सड़क से गुजर रहे हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। हादसों के बाद लोग मजबूरी में सड़क जाम कर देते हैं, जिससे घंटों तक यातायात ठप रहता है। वहीं दुर्घटना में घायल या मृत लोगों के परिजनों को मुआवजे के लिए भी लंबा संघर्ष करना पड़ता है।

लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में जारी आदेश को सख्ती से लागू कराया जाए और बड़कागांव-केरेडारी मार्ग पर कोयला लदे वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

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