हजारीबाग , मार्च 22 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 उग्रवादियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है।
ये सभी एक बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस को 21 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी कि उरीमारी के कोलियरी इलाके में उग्रवादी सक्रिय हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।
छापेमारी के दौरान आसवा और गुडकुवा गांव के पास एक संदिग्ध सफेद बोलेरो वाहन को रोका गया। पुलिस को देखते ही वाहन चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा करने पर गाड़ी असंतुलित होकर पुल और पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद पुलिस ने वाहन को चारों ओर से घेर लिया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को वाहन से दो इंसास राइफल समेत बड़ी मात्रा में जिंदा गोलियां और एक देशी पिस्टल बरामद हुई। गिरफ्तार उग्रवादियों में सुनिल मुण्डा, विरेन्द्र मुण्डा, सुरेन्द्र मुण्डा समेत कुल 8 आरोपी शामिल हैं, जो लातेहार और रांची जिले के निवासी हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी टीएसपीसी के जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब-जोनल कमांडर दिनेश उर्फ रवि राम के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये गिरोह लेवी वसूली, धमकी और दहशत फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल था।
बताया गया कि 12 फरवरी 2026 को रामगढ़ जिले के पतरातु क्षेत्र में हुई भारी फायरिंग की घटना में भी इनका हाथ था, जहां ऑटोमेटिक हथियारों से कई राउंड गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस की तत्परता से एक बड़ी घटना टल गई। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और संगठन के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
बरामदगी में 2 इंसास राइफल,1 देशी पिस्टल,174 जिंदा गोलियां (विभिन्न बोर), 1 बोलेरो वाहन, 7 मोबाइल फोन शामिल है। छापामारी टीम में गिद्दी, उरीमारी, लोहसिंहना और पेलावल ओपी के पुलिस पदाधिकारी समेत तकनीकी और नक्सल शाखा की टीम शामिल रही।
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