लखनऊ , अगस्त 3 -- उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के दिवंगत विधायक आलम बद्दी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। आजमगढ़ जिले की निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक रहे आलम बद्दी के निधन पर सदन में शोक प्रस्ताव रखा गया तथा उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा को याद किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भी शोक प्रस्ताव पर अपने विचार व्यक्त करते हुए दिवंगत विधायक के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
सदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की कामना की।आलम बद्दी को प्रदेश के सबसे उम्रदराज़ विधायकों में माना जाता था। उनके निधन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने समान रूप से शोक व्यक्त किया।
इससे पहले मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले और नीट परीक्षा पत्र लीक के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
सपा विधायक प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में सिक्के लेकर पहुंचे। उनके हाथों में ऐसे पोस्टर थे, जिन पर "नीट है या चीट है" और "राम के नाम पर लूट है" जैसे नारे लिखे हुए थे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र चार दिनों तक चलेगा। सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के बाद संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा सरकार नौ अध्यादेशों को भी सदन की मंजूरी के लिए प्रस्तुत कर सकती है। संभल हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी इस सत्र में सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है।
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