पटना , अगस्त 12 -- स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला अस्पतालों में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में डॉ. त्यागराजन एस. एम., विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग,अरविंद कुमार वर्मा, विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, सुब्रत कुमार सेन, प्रबंध निदेशक, बीएमएसआईसीएल, वैभव चौधरी, कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति, स्पर्श गुप्ता, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।

बैठक में सदर अस्पतालों की रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने, चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के प्रदर्शन को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव श कुमार रवि ने निर्देश दिये कि अब कोई भी रेफरल बिना ऑनलाइन 'भव्या पोर्टल' पर दर्ज किए और मरीज की बुनियादी जांच किए बिना नहीं किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को सीधे बड़े अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था को न्यूनतम किया जाएगा।सभी जिला अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं के सुदृढ़ संचालन और 'ट्राइएज प्रणाली' लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अस्पताल पहुंचते ही मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर प्राथमिकता देते हुए त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

सभी जिला अस्पतालों में वेंटिलेटर युक्त गहन चिकित्सा इकाई को तत्काल क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया है। जिला अस्पतालों को 70 प्रकार की सर्जरी सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए स्त्री रोग, सामान्य सर्जरी और हड्डी रोग के लिए अलग-अलग एवं क्रियाशील ऑपरेशन थिएटर विकसित करने को कहा गया है। जहां जगह की कमी है, वहां प्री-फैब संरचनाओं का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।

अस्पतालों के प्रदर्शन का आकलन अब आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए दावों के आधार पर किया जाएगा।

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