पटना , जुलाई 11 -- ाज्य में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह पहल सात निश्चय-3 के अंतर्गत संचालित "सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन" संकल्प को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को उनके निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो तथा अनावश्यक रेफरल पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत द्वारा समीक्षा बैठकों के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मरीजों को बिना पर्याप्त कारण उच्च संस्थानों के लिए रेफर नहीं किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार जिला अस्पतालों एवं अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों, विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा आधुनिक सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम लोगों को अपने जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देश इन्हीं निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और केवल आवश्यकता पड़ने पर ही उच्च संस्थानों में रेफर करना सुनिश्चित करने की व्यवस्था सभी सिविल सर्जन द्वारा किया जाना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित