नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- विश्व भर में वेदांत चिंतन के प्रोत्साहन और संवर्धन के काम में लगी संस्था चिन्मय मिशन ने वेदांत और आधुनिक मनोविज्ञान के बीच संबंधों का निरुपण करने वाली एक नयी पुस्तक "यू आर द स्काई: एन एंशिएंट गाइड टू मॉडर्न फीलिंग्स" प्रस्तु की है।
चिन्मय मिशन की स्थापना के 75वें वर्ष में प्रस्तुत की गयी इस पुस्तक का विमोचन संस्था के वैश्विक प्रमुख स्वामी स्वरूपानंद ने बुधवार को राजधानी में एक समारोह में किया। इस अवसर पर कहा गया कि वेदांत दर्शन और आधुनिक मनोविज्ञान के आधार पर यह किताब इस बात की पड़ताल करती है कि हम अपनी भावनाओं को महसूस करते हुए भी उन्हें यह कैसे तय न करने दें कि हम कौन हैं या जिंदगी में हम कैसी प्रतिक्रिया दें।
कार्यक्रम में पैन मैकमिलन इंडिया की एडिटोरियल डायरेक्टर पूजिता कृष्णन और टॉकशो होस्ट विनय भारद्वाज भी शमिल थे। इस अवसर पर आयोजित चर्चा उन बातों को समझने पर केंद्रित रही, जो हमारी भावनाओं को भड़काती हैं।स्वामी स्वरूपानंद ने कहा, "भावनाएं हमारी जिंदगी को भरपूर बनाती हैं। पर जब हम जो महसूस करते हैं उसे दबा देते हैं या बिना सोचे प्रतिक्रिया दे देते हैं, तो हमारे मन की शांति खो जाती है। आज की भागदौड़ में हमें अपने भीतर की दुनिया को संभालने के बारे में हमें बहुत कम मार्गदर्शन मिलता है। चर्चा में कहा गया कि आधुनिक मन के लिए प्राचीन विज्ञान किस तरह भावनाओं पर काबू और शांति का व्यावहारिक रास्ता देता है।
कार्यक्रम में राजनयिक, वरिष्ठ वकील, सीईओ, जाने-माने मनोवैज्ञानिक और थेरेपिस्ट, कलाकार, शिक्षाविद और मीडिया की प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। स्वामी चिन्मयानंद द्वारा1951 में स्थापित यह मिशन अपने 75वें साल के मौके पर चिन्मय अमृत महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसका समापन समरोह 23 से 25 अक्टूबर तक राजधानी में वैश्विक सम्मेलन के साथ होगा।
संस्था की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पैन मैकमिलन इंडिया से प्रकाशित इस किताब को लेकर पाठकों में भारी उत्सुकता दिखी है। लॉन्च से पहले की बिक्री में ही इसकी करीब 7,000 प्रतियां बिक चुकी थीं।
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