कोल्हापुर , अक्टूबर 14 -- महाराष्ट्र में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन (एसएसएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी और कर्नाटक के रैयत संगठन के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन 'रास्ता रोको' आंदोलन आज लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इसकी वजह से पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

राष्ट्रीय राजधानी में 12 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और शिवराज सिंह चौहान के साथ बातचीत विफल होने के बाद अपनी मांगों को मनवाने के लिए महाराष्ट्र और कर्नाटक के सैकड़ों किसानों ने मंगलवार सुबह से ही दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित कोग्नोली चेक पोस्ट नाका पर राजमार्ग को जाम कर रखा है।

किसानों ने रात में भी अपना आंदोलन जारी रखा और खाना खाने के बाद राजमार्ग पर ही सो गए। गन्ना किसानों ने खाना पकाने के लिए सीधे राजमार्ग पर ही अस्थायी चूल्हे बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जिससे यह साफ होता है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अनिश्चितकाल तक वहां डटे रहने के इरादे में हैं।

गौरतलब है कि यह विरोध-प्रदर्शन कर्नाटक के रैयत संघ के साथ मिलकर किया जा रहा है। कोग्नोली के अलावा बेलगावी के पास हत्तारकी टोल बूथ के आसपास भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं, जिससे दोनों राज्यों के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। सैकड़ों ट्रकों, कंटेनरों और यात्री वाहनों के फंसे होने के कारण स्थानीय प्रशासन ने आधी रात को यात्रा से जुड़ी एडवाइजरी जारी की।

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने कोल्हापुर और बेलगावी के बीच बस सेवाओं को रोक दिया है या बड़े पैमाने पर रद्द कर दिया है, जिससे हजारों यात्री फंस गए हैं। किसानों ने चीनी के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम बिक्री मूल्य (एसएसपी), इथेनॉल के लिए 70 रुपये प्रति लीटर की खरीद दर और पिराई किए गए गन्ने के लिए 500 रुपये प्रति टन की सीधी केंद्रीय सहायता की मांग की है ताकि मिलें किसानों को 5,000 रुपये प्रति टन की पहली किस्त का भुगतान आसानी से कर सकें।

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