तिरुवनंतपुरम , जून 21 -- केरल के स्वास्थ्य, आयुष और देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि आयुष और एलोपैथी दोनों चिकित्सा पद्धतियों ने राज्य के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है।

श्री मुरलीधरन ने यहां के जिमी जॉर्ज इंडोर स्टेडियम में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय समारोह का उद्घाटन करते हुए कहा कि योग जीवन जीने का एक समग्र तरीका है जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देता है।इस वर्ष के विषय (थीम) 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' का उल्लेख करते हुए श्री मुरलीधरन ने कहा कि नियमित योग अभ्यास वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मंत्री ने कार्यालय के कर्मचारियों को लंबे समय तक बैठने और गतिहीन काम के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने में मदद करने के लिए 'कुर्सी योग' पर एक जागरूकता वीडियो भी जारी किया।केरल सरकार के आयुष विभाग और राष्ट्रीय आयुष मिशन केरल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में एक बड़े पैमाने पर सामूहिक योग सत्र देखा गया, जिसमें राज्य भर के आयुष योग क्लबों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रतिभागियों ने केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित 45 मिनट के सामान्य योग अभ्यास का प्रदर्शन किया, जिसमें सरल व्यायाम, योग आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास शामिल था।

अधिकारियों ने बताया कि केरल के 14 जिलों में 10,000 से अधिक आयुष योग क्लब काम कर रहे हैं, जो नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा दे रहे हैं और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के प्रति जागरूकता पैदा कर रहे हैं। इस समारोह में योग प्रदर्शन, योग नृत्य प्रस्तुतियां, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और सार्वजनिक संपर्क गतिविधियां भी शामिल थीं, जिसमें 500 से अधिक योग प्रशिक्षकों, अधिकारियों और आम जनता ने भाग लिया।

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