नयी दिल्ली , अक्टूबर 29 -- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) शुक्रवार को यहां 'विश्व-2026' का आयोजन कर रहा है जिसका उद्देश्य भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी क्षमता को प्रदर्शित करना और मित्र देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग तथा साझेदारी को मजबूत करना है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
डीआरडीओ और सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज (सेनजॉज) के संयुक्त आयोजन में रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को रक्षा अनुसंधान, विकास और उत्पादन के क्षेत्र में भारत की प्रगति से परिचित कराया जायेगा। साथ ही प्रौद्योगिकी के जरिए सहयोग बढ़ाने और नई रणनीतिक साझेदारियों की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम में विमानन, सेना और नौसेना प्रणालियों, सेंसर और संचार, मिसाइल, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटिंग और सैनिकों की सहायता से जुड़ी प्रौद्योगिकियों में डीआरडीओ की क्षमताओं पर चर्चा होगी। एक पैनल चर्चा में भारत और मित्र देशों के बीच संयुक्त परियोजनाओं, रक्षा क्षमताओं के विकास और आपसी लाभ वाली साझेदारी के अवसरों पर विचार किया जायेगा।
विश्व-2026 के जरिए डीआरडीओ का लक्ष्य रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नवाचार, संवाद तथा सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारी को मजबूत करना है।
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