वाराणसी , अगस्त 14 -- उत्तर प्रदेश सरकार आजादी के अमृत काल में गुमनाम एवं वीर स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में वाराणसी के पिंडरा विकासखंड स्थित ऐतिहासिक करखियांव गांव में फ्रीडम फाइटर मेमोरियल पार्क को 'स्वतंत्रता संग्राम सर्किट' के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यहां 26 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में म्यूरल पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। करखियांव गांव के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य पर लगभग 18.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उल्लेखनीय योगदान के कारण करखियांव को वाराणसी का सर्वाधिक स्वतंत्रता सेनानी देने वाला गांव माना जाता है। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक इस गांव के लोगों ने देश की आजादी के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी। अब योगी सरकार इस गौरवशाली विरासत को फ्रीडम फाइटर मेमोरियल पार्क के रूप में संरक्षित कर इसे राष्ट्रीय चेतना, इतिहास और पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।
यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, वाराणसी के परियोजना प्रबंधक मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि लगभग 11.5 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस परिसर में स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों के संरक्षण के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। परियोजना का उद्देश्य इसे ऐसा ऐतिहासिक स्थल बनाना है, जहां देशभर से आने वाले लोग करखियांव के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित हो सकें।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले 26 सेनानियों की स्मृति में भव्य म्यूरल पार्क बनाया जाएगा। प्रत्येक सेनानी की स्मृति में एक-एक स्मृति स्तंभ स्थापित किया जाएगा। साथ ही 12 इंटरप्रिटेशन वॉल पर स्थानीय, वाराणसी तथा अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान का विवरण अंकित किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी।
संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में परिसर में झील आधारित इको-टूरिज्म भी विकसित किया जाएगा। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित होने के कारण करखियांव भविष्य में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत ओपन एम्फीथियेटर, लैंडस्केपिंग, पौधारोपण, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, पाथवे एवं जॉगिंग ट्रैक, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था तथा साइनेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना पूरी होने के बाद करखियांव न केवल स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हस्तशिल्प, खानपान और पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
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