मुंबई/रायगढ़ , अगस्त 11 -- आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक पहले महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के दो प्रमुख घटकों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) बीच रायगढ़ जिले के 'पालक मंत्री' पद को लेकर पुराना विवाद फिर गहरा गया है।
यह पद पिछले लगभग दो वर्षों से दोनों दलों के बीच विवाद की वजह बना हुआ है। वर्तमान में राकांपा नेता और मंत्री अदिति तटकरे के पास जिले का प्रशासनिक प्रभार है, जबकि शिवसेना मंत्री भरत गोगावले और उनके समर्थक 2024 से ही इस सीट पर अपना दावा ठोक रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस नजदीक आने के साथ ही शिवसेना खेमे में असंतोष बढ़ गया है। कर्जत से शिवसेना विधायक महेंद्र थोरवे ने इस देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल उठाया कि गठबंधन की सरकार होने के बावजूद यह मुद्दा अब तक अनसुलझा क्यों है। हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में राकांपा को शिवसेना के समर्थन का हवाला देते हुए श्री थोरवे ने मांग की कि राज्य सरकार अगले 48 घंटों के भीतर फैसला ले और श्री गोगावले को रायगढ़ का पालक मंत्री घोषित करे।
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