आइजोल , अगस्त 15 -- मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को अपनी सरकार की कई विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया तथा लोगों से एक ज़्यादा विकसित, शांतिपूर्ण, समावेशी और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
आइजोल के लम्मुआल में राज्य-स्तरीय 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री लालदुहोमा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से मिज़ोरम में "विकास की एक नयी तस्वीर" उभर रही है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और देश की सेवा में अपनी जान देने वालों को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मिज़ोरम बाना काइह' (हैंडहोल्डिंग) योजना राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और आजीविका में मदद करने के लिए सरकार की प्रमुख पहलों में से एक बनी हुई है। युवाओं को उद्यमिता अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 20 करोड़ रुपये का 'बाना काइह वेंचर कैपिटल फंड' भी बनाया गया है। इसके अलावा, सरकार ने 'निवेश नीति, 2025' शुरू की है और एक 'निवेश प्रोत्साहन एजेंसी' भी स्थापित की है।
केंद्र से प्रायोजित सभी योजनाओं को मिज़ोरम एसएनए- एसपीएआरएसएच के तहत लाया है और उन्हें समय पर लागू करने के लिए केंद्र से 350 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) प्राप्त किया है। 2025-26 में राज्य का टैक्स कलेक्शन बढ़कर 1,278.55 करोड़ रुपये हो गया, जबकि सचिवालय सहित लगभग 45 सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस शुरू किया गया है।
गवर्नेंस के मामले में, सरकार ने कहा कि सीपीजीआरएएमएस के माध्यम से प्राप्त लगभग 90 प्रतिशत शिकायतों और 'मिपुई आव' के माध्यम से दर्ज की गयी 91 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। ई-राम पोर्टल के माध्यम से राजस्व प्रशासन को भी डिजिटाइज़ किया जा रहा है, साथ ही भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाया जा रहा है।
मिज़ोरम स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करने वाला पहला पूर्वोत्तर राज्य बन गया है, और आइजोल में 'नक्शा' पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
सरकार के विकास एजेंडे में कृषि और ग्रामीण आजीविका को भी प्रमुखता दी गयी है। वर्ष 2026 में अदरक के लिए सहायता मूल्य के रूप में लगभग 22 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि केंद्र ने चम्फाई में अदरक प्रसंस्करण इकाई के लिए 30.13 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मिज़ोरम को 'भारत की अदरक राजधानी' के रूप में भी मान्यता मिली है। ऑफ-सीजन टमाटर और पत्तागोभी की खेती से 2025 में किसानों को अनुमानित 40 करोड़ रुपये की आय हुई। पानी और सहकारिता में, मिज़ोरम वॉटर इन्फॉर्मेशन एंड गवर्नेंस बिल, 2026 पास हो गया है और एक स्टेट वॉटर इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर बनाया गया है। बारिश, नदी के जलस्तर और ग्राउंडवॉटर पर नज़र रखने के लिए 81 रियल-टाइम मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किये गये हैं। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने मिज़ोरम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक को शेड्यूल्ड बैंक के तौर पर भी मान्यता दी है।
सरकार ने कहा कि मिज़ोरम उन शुरुआती राज्यों में से एक है जो वीबी- जीराम (जी) को लागू करने के लिए तैयार हैं, जिसके लिए शुरुआती तौर पर 611.65 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। वाइब्रेंट विलेजेज़ प्रोग्राम-2 में सीमावर्ती 109 गाँव शामिल होंगे। एक स्पेशल राशन पैकेज से लगभग 29,000 परिवारों को फ़ायदा हो रहा है, जबकि बेहतर चावल- भंडारण प्रबंधन से अनुमानित 73.24 करोड़ रुपये की बचत हुई है। बिजली और बुनियादी परियोजनाओं में 10 मेगावॉट का थेनज़ॉल सोलर प्लांट, 24 मेगावॉट का तुइरिनी स्मॉल हाइडल प्रोजेक्ट और पीने के पानी की कई योजनाएँ शामिल हैं।वहीं 467 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शहरी विकास के काम भी चल रहे हैं, जबकि लुआंगमुअल, पुकपुई, ज़ोटे और कोलासिब में फ़्लैटेड फ़ैक्टरी कॉम्प्लेक्स लगभग पूरे होने वाले हैं। सीमा-पार व्यापार को आसान बनाने के लिए ज़ोखावथर लैंड कस्टम्स स्टेशन को क्रमोन्नत किया गया है।
सरकार ने उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, नशा मुक्ति और खेलकूद के क्षेत्र में की गई पहलों पर भी ज़ोर दिया। मिज़ोरम इंजीनियरिंग कॉलेज को मंज़ूरी मिल गई है और उम्मीद है कि 2026-27 एकेडमिक सेशन से इसमें क्लास शुरू हो जायेंगी।
मिज़ोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम के तहत, अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 के बीच मेडिकल इलाज पर 178.58 करोड़ रुपये खर्च किये गये। राज्य के एक्रेडिटेशन सिस्टम के तहत इक्कीस नशा मुक्ति केंद्र रजिस्टर्ड हुए हैं।
प्रतिभावान एथलीटों की पहचान करने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए 'बाना काइह एम्पावरिंग मिज़ोरम स्पोर्ट्स' प्रोग्राम चलाया जा रहा है, जिसका दीर्घकालीन लक्ष्य 2036 के ओलंपिक में मिज़ो लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। मिज़ोरम को स्पोर्ट्स और फिजिकल एजुकेशन को बढ़ावा देने वाली पहलों के लिए "बेस्ट अपकमिंग स्टेट प्रमोटिंग स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एजुकेशन" का अवॉर्ड मिला है।
सरकार ने मिज़ोरम राज्य मानवाधिकार आयोग और डायरेक्टरेट ऑफ़ प्रॉसिक्यूशन की स्थापना, इनर लाइन परमिट सिस्टम में सुधार और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के उपायों का भी ज़िक्र किया। शराब और ड्रग्स की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी गयी है।
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