लखनऊ , सितंबर 7 -- उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ वायु के क्षेत्र में देशभर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने 200 में से 198 अंक हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। राजधानी ने इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की उपलब्धि केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रही। इसी श्रेणी में आगरा चौथे, गाजियाबाद नौवें, कानपुर 11वें और प्रयागराज 13वें स्थान पर रहे। इस तरह देश के शीर्ष 15 बड़े शहरों में उत्तर प्रदेश के पांच शहर शामिल रहे।

तीन से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में फिरोजाबाद 195 अंक के साथ देश में दूसरे स्थान पर रहा। झांसी 192.5 अंक के साथ पांचवें तथा नोएडा और मुरादाबाद 187.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे।

सर्वेक्षण में वायु प्रदूषण कम करने के लिए शहरों में किए गए ठोस जमीनी उपायों और उनके क्रियान्वयन का आकलन किया गया।

प्रदेश में सड़क की धूल, खुले में कूड़ा जलाने, निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निकायों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्तर पर लगातार कार्रवाई की गई।

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