पटना , अक्टूबर 07 -- ्वच्छ अस्पताल, सुरक्षित मरीज और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के कायाकल्प कार्यक्रम के तहत सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी), रांची की तीन सदस्यीय पीयर असेसमेंट टीम ने 06 और 07अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना का व्यापक निरीक्षण किया। दो दिवसीय दौरे के दौरान टीम ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं को करीब से देखा और कायाकल्प के निर्धारित मानकों के अनुसार स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुविधाओं, अस्पताल के रखरखाव और संबंधित दस्तावेजों का मूल्यांकन किया।
पीयर असेसमेंट टीम में डॉ. सपना कुमारी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर, मनोचिकित्सा तथा डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह, मेडिकल सोशल सर्विसेज ऑफिसर शामिल थे। टीम का नेतृत्व एम्स पटना के कायाकल्प कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत सिन्हा ने किया।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, उप निदेशक प्रशासन श्री नीलोत्पल बल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने टीम के साथ समन्वय किया और मूल्यांकन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
पीयर असेसमेंट टीम ने एम्स पटना के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने ओपीडी, आईपीडी, सेंट्रल लैबोरेटरी, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, सीएसएसडी, इमरजेंसी, अस्पताल की रसोई और हर्बल गार्डन सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केवल परिसर की साफ सफाई ही नहीं बल्कि संक्रमण की रोकथाम, जैव चिकित्सीय कचरे का उचित प्रबंधन, अस्पताल की सुविधाओं का रखरखाव, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया।
टीम ने विभिन्न विभागों में रखे गए रिकॉर्ड, रजिस्टर और आवश्यक दस्तावेजों की भी समीक्षा की। यह मूल्यांकन एम्स पटना में वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ-साथ निरंतर सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी रहा। कायाकल्प कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों के अनुकूल बेहतर वातावरण को बढ़ावा देना है। एम्स पटना प्रशासन ने कहा कि संस्थान का प्रयास केवल बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद अस्पताल का वातावरण सुनिश्चित करना भी है। दो दिवसीय मूल्यांकन के दौरान एम्स पटना के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई और निरीक्षण प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया।
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